Nov 04, 2026
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उत्तराखंड: धामी सरकार ने खींची प्रगति की बड़ी लकीर,28 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था और 20 लाख प्रतिव्यक्ति आय का लक्ष्य

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देहरादून। उत्तराखंड को देश का अग्रणी और आदर्श हिमालयी राज्य बनाने की दिशा में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 'विकसित उत्तराखंड विजन-2047' का विस्तृत रोडमैप जारी करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार, ऊर्जा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, तकनीक और सार्वजनिक सुरक्षा के क्षेत्र में विकास की एक नई और बड़ी लकीर खींच दी है। इस महात्वाकांक्षी विजन का मुख्य ध्येय वर्ष 2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था के आकार को बढ़ाकर 28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना और प्रतिव्यक्ति आय को 20 लाख रुपये के स्तर तक ले जाना है।

उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक देश के अग्रणी और आदर्श हिमालयी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने विकसित उत्तराखंड विजन-2047 का रोडमैप तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार ने वर्ष 2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 28 लाख करोड़ रुपये और प्रति व्यक्ति आय 20 लाख रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। यह रोडमैप उत्तराखंड के आर्थिक सामाजिक और आधारभूत ढांचे में व्यापक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विजन-2047 के तहत सरकार ने विकास के छह प्रमुख क्षेत्रों को केंद्र में रखते हुए कृषि, पर्यटन, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, कौशल विकास, रोजगार, तकनीकी और सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। सरकार का उद्देश्य विकास की गति बढ़ाने के साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में पलायन की समस्या को कम करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए बेरोजगारी दर को वर्तमान 5.7 प्रतिशत से घटाकर 3.5 प्रतिशत करने तथा बहुआयामी गरीबी को 0.61 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मोटे अनाजों की उत्पादकता 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सगंध फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों को पारंपरिक खेती के साथ अधिक आय वाले विकल्प उपलब्ध कराने की योजना है। पर्यटन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने और पर्यटन आधारित गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है। सरकार ने वर्ष 2047 तक प्रदेश में 12 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उद्योगों के विस्तार, कौशल विकास, शिक्षा और स्वरोजगार योजनाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की योजना है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की स्थापित क्षमता को बढ़ाकर लगभग 22 हजार मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं पर्यावरण संरक्षण के तहत वन आच्छादन को 46.6 प्रतिशत तक पहुंचाने की तैयारी है। प्रदेश में आवागमन और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सड़क, रेल, सुरंग और हवाई संपर्क का विस्तार किया जाएगा। रोडमैप में 13 हेली एंबुलेंस सेवाओं और चार उड़ान प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना भी शामिल है। इससे दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और हवाई संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है। नियोजन सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार, विकसित उत्तराखंड विजन-2047 को केवल दीर्घकालीन लक्ष्य तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि वर्ष 2030, 2035, 2040, 2047 और 2050 के लिए अलग-अलग उपलब्धियां निर्धारित की गई हैं। इनके अनुरूप विभागीय कार्ययोजनाएं तैयार की जाएंगी और प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी धामी सरकार का यह रोडमैप उत्तराखंड को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर, रोजगारपरक, तकनीकी रूप से सक्षम और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील राज्य बनाने की महत्वाकांक्षी पहल है। हालांकि, इन बड़े लक्ष्यों की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि योजनाएं कितनी तेजी से धरातल पर उतरती हैं और उनका लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तथा दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक कितना पहुंचता है।