Oct 30, 2026
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कांग्रेस नेता सिरम का दावा: सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों को बुनियादी सामान की कमी

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नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सुरक्षा हालात और चीनी गतिविधियों को लेकर राजनीतिक और सामरिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अरूणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दावा किया है कि चीनी सैनिक भारतीय सीमा के भीतर 40 से 50 किलोमीटर तक घुस आए हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर सीमावर्ती इलाकों में कथित चीनी कब्जे और टकराव के वायरल वीडियोज को भारतीय सेना ने पूरी तरह फर्जी, एडिटेड और दुर्भावनापूर्ण करार दिया है। केंद्र सरकार ने भी इन दावों को भ्रामक बताते हुए विपक्ष पर देश की सुरक्षा पर भ्रांतियां फैलाने का आरोप लगाया है। अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोसिराम सिरम ने दावा किया कि अपर सुबनसिरी जिले में चीनी सैनिक भारतीय सीमा के काफी अंदर तक दाखिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर कई जगह भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने हैं, जिससे सैनिकों की गश्त और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सिरम के अनुसार, 26 से 29 अगस्त के बीच कांग्रेस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें पूर्व गृह मंत्री तांगा बयालिंग और सांसद जारोडुम क्री शामिल थे। ईटानगर से नाचो, लाइमकिंग होते हुए अग्रिम सीमांत गांव तक्षिंग तक पहुंचा था। स्थानीय लोगों से संवाद के हवाले से उन्होंने दावा किया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच झड़प और लाठियां चलने जैसी घटनाएं भी हुई थीं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में दूरसंचार नेटवर्क और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। सिरम ने राज्य और केंद्र सरकार के खंडन पर सवाल उठाते हुए रक्षा मंत्रालय से पूरे मामले की निष्पक्ष जमीनी जांच कराने तथा स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

सेना का दो-टूक जवाबः डीपफेक और एडिटेड हैं वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर चीन द्वारा अरुणाचल के असाफिला, लॉन्गजू और तक्षिंग सर्किल पर कब्जे के दावों से जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय सेना ने स्थिति स्पष्ट की। सेना ने आधिकारिक बयान में कहा कि प्रसारित किए जा रहे वीडियो पूरी तरह फर्जी हैं। सेना के अनुसार, जिस क्लिप में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को स्थिति पर बयान देते दिखाया जा रहा है, वह असल में 27 अक्टूबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में मेजर जनरल गिरीश कालिया द्वारा दी गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का कांट-छांट कर बनाया गया डीपफेक वर्जन है। मूल प्रेस कॉन्फ्रेंस एलओसी पर आतंकवादियों की घुसपैठ नाकाम करने और 27 आतंकियों को ढेर करने से जुड़ी थी, उसमें अरुणाचल या रसद संकट का कोई उल्लेख नहीं था। वहीं चीनी वाहनों की आवाजाही वाले एक अन्य वीडियो पर सेना ने स्पष्ट किया कि वह फुटेज सिक्किम के नाथू ला दर्रे का है, जो भारत और चीन के बीच एक अधिकृत व्यापारिक मार्ग है और वहां सामान्य व्यापारिक वाहनों का आना-जाना तय नियमों के तहत होता है।

सेना का मनोबल गिराना बंद करे कांग्रेसः किरेन रिजिजू
फर्जी वीडियो और घुसपैठ के बयानों को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि देश की सुरक्षा और सेना की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए फर्जी व एआई जनरेटेड वीडियो फैलाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सेना का मनोबल गिराने और भ्रामक दुष्प्रचार करने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। सरकार ने दोहराया कि भारतीय सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सक्षम और मुस्तैद है।