देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने राजधानी देहरादून में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के एक सक्रिय हैंडलर को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी लंबे समय से दून में छिपकर रह रहा था और सीमा पार बैठे अपने आकाओं के इशारे पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और आरोपी के आतंकी कनेक्शनों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान विक्रांत कश्यप के रूप में हुई है। जाँच में सामने आया है कि विक्रांत सीधे तौर पर पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट शहजाद भट्टी के संपर्क में था। वह देहरादून की एक कार वर्कशॉप में मैकेनिक के तौर पर काम करता था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। अपनी इस पहचान की आड़ में वह गोपनीय सूचनाएं साझा करने और नेटवर्क विस्तार का काम कर रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी विक्रांत कश्यप केवल सूचनाएं ही नहीं भेज रहा था, बल्कि वह भारत में 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' नामक संगठन का प्रचार-प्रसार भी कर रहा था। वह युवाओं को बरगलाने और कट्टरपंथ की ओर धकेलने की साजिश में जुटा था। एसटीएफ को उसके पास से कई ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो उसके आतंकी संगठनों और पाकिस्तानी हैंडलर्स से संबंधों की पुष्टि करते हैं। एसटीएफ ने आरोपी के खिलाफ राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि देहरादून में उसके मददगार कौन थे और उसने अब तक कितनी महत्वपूर्ण सूचनाएं सीमा पार भेजी हैं। यह गिरफ्तारी उत्तराखंड में सक्रिय स्लीपर सेल्स और बाहरी इनपुट के खतरे को एक बार फिर उजागर करती है। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

