देहरादून। राजधानी देहरादून के सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप ले बैठा। वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान और अन्य श्रमिक मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन देखते ही देखते उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा किया। हालात इतने बिगड़ गए कि फैक्ट्री परिसरों के बाहर पथराव शुरू हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी प्रदर्शनकारियों ने पत्थर बरसाए, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। फिलहाल अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ड्रोन कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। जानकारी के अनुसार सेलाकुई स्थित कई औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
बड़ी संख्या में कर्मचारी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर फैक्ट्री परिसरों से बाहर निकल आए और दून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। अचानक सैकड़ों मजदूरों के सड़क पर उतरने से हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप था कि वे लंबे समय से वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान और अन्य श्रमिक सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा वेतन में परिवार का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। साथ ही अतिरिक्त कार्य कराने के बावजूद ओवरटाइम का भुगतान समय पर नहीं किया जाता और कई मूलभूत श्रमिक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने अलग-अलग कंपनी परिसरों के बाहर धरना देकर प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हालांकि फैक्ट्री प्रबंधन लगातार कर्मचारियों को समझाने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करता रहा, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए और उन्होंने फैक्ट्री परिसरों के बाहर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी कर दी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मामले को लेकर एसपी देहात पंकज गैरोला ने बताया कि प्रदर्शनकारी मजदूरों की मांगों को लेकर एक दिन पहले ही लेबर कमिश्नर और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच सहमति बन चुकी थी। इसके बावजूद कुछ लोग दोबारा फैक्ट्री पहुंचे और अनावश्यक रूप से हड़ताल करते हुए पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि फिलहाल हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है। वहीं घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। ड्रोन कैमरों की मदद से पूरे औद्योगिक क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
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- by Admin
- May 16, 2026