नई दिल्ली। केरल की राजनीति में सोमवार को एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई। कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की कमान संभाल ली। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ 20 मंत्रियों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने दस वर्षों बाद राज्य की सत्ता में वापसी कर ली है। सतीशन सरकार में कई वरिष्ठ नेताओं को जगह दी गई है। इनमें आईयूएमएल के पीके कुन्हालीकुट्टी, कांग्रेस के रमेश चेन्निथला सनी जोसेफ, के. मुरलीधरन, मॉन्स जोसेफ, आरएसपी नेता शिबू बेबी जॉन और केरल कांग्रेस (जैकब) के अनूप जैकब प्रमुख हैं। खास बात यह रही कि नई सरकार में शपथ लेने वाले 14 विधायक पहली बार मंत्री बने हैंए जिसे नेतृत्व परिवर्तन और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी समारोह में भाग लिया। राजनीतिक सौहार्द का संदेश देते हुए समारोह में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एएन शमशीर, केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और सीपीआई नेता बिनॉय विश्वम भी नजर आए। विपक्षी नेताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को और खास बना दिया। गौरतलब है कि 140 सदस्यीय केरल विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, जबकि 4 मई को आए नतीजों में कांग्रेस नीत यूडीएफ ने 102 सीटों के साथ प्रचंड जीत दर्ज की थी। वहीं वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को 35 सीटें और भाजपा को 3 सीटें मिली थीं। इस जनादेश को राज्य में बदलाव की स्पष्ट इच्छा के तौर पर देखा जा रहा है।
Trending
अस्पतालों में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता: सुबोध उनियाल
पालघर हादसे के बाद राहत-बचाव अभियान तेज
चयनित उम्मीदवारों को मुख्यमंत्री धामी द्वारा किया गया सीधा फोन उत्तराखंड में बना चर्चा का विषय
सरकार और एचडीएफसी बैंक की साझेदारी से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों को मिली जीवनदायिनी स्वास्थ्य सेवाएं
वीडी सतीशन कैबिनेट ने शुरू किया नए शासन का दौर
ऑक्सीजन बूथ और मेडिकल इंतजामों के बावजूद इस साल चारधाम मार्गों पर लगातार हो रही श्रद्धालुओं की मौतें
महिलाओं के लिए डिजिटल पहल का उद्देश्य योजनाओं में पारदर्शिता, जागरूकता और समान पहुंच सुनिश्चित करना
हाईवे पर क्रूज़ कंट्रोल बढ़ाएगा फ्यूल एफिशिएंसी, लेकिन पहाड़ी और घुमावदार रास्तों पर रहेगा असुरक्षित