Jul 29, 2026

उत्तराखंड में एआई का नया अध्याय शुरू, राजभवन में आरोही इनक्यूबेटर का हुआ भव्य उद्घाटन

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देहरादून। उत्तराखंड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। राजभवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने 'आरोही' इनक्यूबेटर और राज्य के पहले एआई न्यूज़लेटर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में एआई के जरिए एक बड़ा बदलाव आ रहा है और यह पहल राज्य के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों और युवाओं के भविष्य को संवारने में गेम-चेंजर साबित होगी।

उत्तराखंड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक नई और महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत करते हुए तकनीकी नवाचार की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने बुधवार को 'आरोही' इनक्यूबेटर और एआई न्यूज़लेटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे राज्य के लिए "बदलाव लाने वाला कार्यक्रम" बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं के नवाचारों को नई उड़ान देना और एआई तकनीक को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड अब केवल प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में एआई आधारित पहल की शुरुआत पहले लोक भवन में स्थापित एआई लैब से हुई थी। इसके बाद एआई-सक्षम वाहन के माध्यम से सभी जिलों में 'ऑपरेशन कल्कि' शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान पहुंचाना है। राज्यपाल ने कहा कि अब 'ऑपरेशन आरोही' के जरिए प्रदेश के छात्रों, शोधकर्ताओं और युवा उद्यमियों के नवीन विचारों को पहचान कर उन्हें इनक्यूबेशन और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे युवाओं के स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा और उत्तराखंड नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदेश के 10 स्टार्टअप का विस्तृत अवलोकन किया। इन स्टार्टअप्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रशासन और दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए। राज्यपाल ने इन नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड के युवा तकनीक की शक्ति को समझ रहे हैं और समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए उसका प्रभावी उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि प्रदेश के छात्र और युवा उद्यमी एआई जैसी उन्नत तकनीक को अपनाकर नए-नए ऐप और डिजिटल समाधान विकसित कर रहे हैं। ऐसे प्रयास न केवल राज्य के विकास को नई दिशा देंगे, बल्कि रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा करेंगे। राज्यपाल ने कहा कि भविष्य की दुनिया तकनीक और नवाचार पर आधारित होगी। ऐसे में उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार और शैक्षणिक संस्थान मिलकर ऐसा मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं, जहां युवाओं को अपने विचारों को स्टार्टअप में बदलने के लिए हर संभव सहयोग मिल सके। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टार्टअप्स और नवाचारकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया। राज्यपाल ने कहा कि इन युवा प्रतिभाओं की सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी और प्रदेश में नवाचार की नई संस्कृति विकसित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि 'आरोही' इनक्यूबेटर और एआई न्यूज़लेटर की शुरुआत उत्तराखंड को डिजिटल और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। यह पहल न केवल युवाओं के सपनों को उड़ान देगी, बल्कि एआई तकनीक के जरिए ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक आधुनिक समाधान पहुंचाकर राज्य के समग्र विकास को भी गति देगी।