Jul 21, 2026

संस्कृति संरक्षण के साथ विश्वस्तरीय सुविधाएं देगा हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, 235 करोड़ की पहल

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देहरादून। उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार अब आस्था के साथ आधुनिक विकास का नया केंद्र बनने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार में उत्तराखंड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (UIIDB) की ओर से संचालित हरिद्वार गंगा कॉरिडोर से जुड़ी लगभग 235 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरिद्वार केवल धार्मिक नगरी नहीं रहेगा, बल्कि यह आध्यात्मिक विरासत, आधुनिक आधारभूत संरचना और सांस्कृतिक पहचान का ऐसा मॉडल बनेगा, जिसकी मिसाल पूरे देश में दी जाएगी।

अलकनंदा होटल में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और राज्य सरकार इसकी धार्मिक गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए यहां विश्वस्तरीय सुविधाओं का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गंगा कॉरिडोर परियोजना केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की व्यापक योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार "विरासत भी, विकास भी" की नीति पर तेजी से काम कर रही है। सड़क, हवाई संपर्क, धार्मिक पर्यटन, चारधाम, तीर्थ स्थलों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार गंगा कॉरिडोर इसी दूरदर्शी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन, सुरक्षित घाट, स्वच्छ वातावरण और आधुनिक जनसुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्विकास, मानसखंड और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के बाद अब हरिद्वार में भी बड़े स्तर पर आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास की हर योजना में पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है ताकि हरिद्वार की आध्यात्मिक गरिमा बरकरार रहे। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 43.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रशासनिक मार्ग निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। इसके साथ ही 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी और सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनरुद्धार कार्यों का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के तहत घाटों का सौंदर्यीकरण, यातायात व्यवस्था का आधुनिकीकरण, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार तथा धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में कुंभ, अर्धकुंभ और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आने वाले वर्षों में हरिद्वार को देश के सबसे आधुनिक और सुव्यवस्थित धार्मिक नगरों में विकसित किया जाएगा। आधुनिक तकनीक, सुरक्षित घाट, सुगम यातायात और बेहतर नागरिक सुविधाओं के माध्यम से हरिद्वार की नई पहचान बनाई जाएगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से विकास कार्यों में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि उत्तराखंड को सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, पर्यटन और आर्थिक दृष्टि से देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि गंगा कॉरिडोर परियोजना हरिद्वार के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी।