Sep 20, 2026

माणा से नशामुक्त भारत अभियान शुरू: सीएम धामी ने दिया नशामुक्ति का संदेश,जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर

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माणा। उत्तराखंड के सीमांत व देश के पहले गांव माणा की पावन धरा से रविवार को एक देशव्यापी सामाजिक बदलाव की शुरुआत हुई। सामाजिक संस्था ‘सजग इंडिया’ के तत्वावधान में माणा से ‘नशामुक्त भारत अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस दौरान बदरीनाथ धाम में आयोजित ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव’ के समापन अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभियान में शिरकत करते हुए सभी से नशे के खिलाफ इस जंग में एकजुट होने का आह्वान किया।

देश के सीमांत गांव माणा से रविवार को नशामुक्त भारत अभियान का शुभारंभ हुआ। सजग इंडिया की ओर से शुरू किए गए इस अभियान में भारतीय सेना, गढ़वाल स्काउट, एनसीसी कैडेट्स और स्थानीय लोगों ने भागीदारी की। अभियान को गंगा से गंगासागर और कश्मीर से कन्याकुमारी तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अभियान में शामिल होकर नशे के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं, स्थानीय नागरिकों और सेना के जवानों से संवाद कर नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। परिवार, विद्यालय, सामाजिक संगठन और युवा मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता का वातावरण तैयार करें तो इसके दुष्प्रभावों को रोकने में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की ताकत हैं और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना समाज की जिम्मेदारी है। नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान लगातार चलाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने पर भी उन्होंने जोर दिया। सजग इंडिया के अध्यक्ष ललित जोशी ने कहा कि भगवान बदरीविशाल की भूमि से शुरू हुए इस अभियान को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरित करना है। अभियान में सेना के जवानों और गढ़वाल स्काउट की भागीदारी ने इसे सीमांत क्षेत्र से राष्ट्रीय स्तर पर संदेश देने का स्वरूप दिया। एनसीसी कैडेट्स और स्थानीय लोगों ने भी अभियान में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। माणा जैसे सीमांत गांव से नशामुक्ति का संदेश दिए जाने को आयोजकों ने सामाजिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। अभियान के माध्यम से युवाओं को नशे से बचाने, परिवारों को जागरूक करने और समाज में स्वस्थ वातावरण तैयार करने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने अभियान को देशव्यापी स्वरूप देने और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को इससे जोड़ने की प्रतिबद्धता जताई।