Apr 28, 2026

रोजगार और व्यापार का संगम: दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उत्साह

post-img

देहरादून।देश की राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बीच की दूरी अब केवल किलोमीटर में ही नहीं, बल्कि समय के पैमाने पर भी सिमट गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली दौरे से सड़क मार्ग द्वारा देहरादून लौटते हुए नए 'दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर' का स्वयं अनुभव किया। मुख्यमंत्री ने इस सफर को महज ढाई घंटे में पूरा कर इसे आधुनिक भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

सफर पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह कॉरिडोर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया, "दिल्ली से देहरादून का सफर जो पहले 5 से 6 घंटे लेता था, अब वह मात्र ढाई घंटे में सिमट गया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे तीव्र इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का जीता-जागता प्रमाण है।" उन्होंने इसे 'नए भारत की नई रफ्तार' करार देते हुए प्रधानमंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तराखंड के लिए समग्र विकास का प्रवेश द्वार है। दिल्ली-एनसीआर से आने वाले पर्यटकों के लिए अब उत्तराखंड पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा, जिससे पर्यटन व्यवसाय को सीधा लाभ मिलेगा। इस कॉरिडोर के बनने से ऋषिकेश और हरिद्वार के माध्यम से होने वाली चारधाम यात्रा भी सुगम होगी।  मुख्यमंत्री के अनुसार, कम समय में बेहतर पहुंच होने से राज्य में निवेश के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आधुनिक मार्ग उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर न केवल समय और ईंधन की बचत कर रहा है, बल्कि सुरक्षित सफर का अहसास भी करा रहा है। पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया यह मार्ग भविष्य में उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ बनेगा। मुख्यमंत्री का यह सफर और उनका अनुभव इस बात की तस्दीक करता है कि आने वाले समय में दिल्ली और देहरादून के बीच का व्यापारिक और सामाजिक संबंध और अधिक प्रगाढ़ होगा। यह कॉरिडोर 'विकसित उत्तराखंड' के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।