Sep 25, 2026

उत्तराखंड के विकास का महासंकल्प: सीएम धामी बोले- 'राष्ट्र प्रथम' हमारा सिद्धांत, 13 हजार एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण से कराया मुक्त

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देहरादून। उत्तराखंड को देश का अग्रणी और सशक्त राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार की प्राथमिकताओं, उपलब्धियों और भावी योजनाओं को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनकी पार्टी का मूल सिद्धांत हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और व्यक्ति तृतीय’ रहा है। राज्य की जनता स्थायित्व और तेज रफ्तार से विकास चाहती है, जिसे पूरा करने के लिए सरकार दिन-रात जुटी हुई है। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनकी पार्टी का मूल सिद्धांत ‘राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और व्यक्ति तृतीय’ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता स्थायित्व और विकास चाहती है और राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड से जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अब तक 28 बार उत्तराखंड आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई प्राथमिकता दी है। माणा की यात्रा के दौरान सीमांत गांवों को देश का अंतिम गांव नहीं, बल्कि ‘प्रथम गांव’ बताए जाने से सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर सोच में बदलाव आया है। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडेक्स में राज्य के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। हालांकि, नीति आयोग के एसडीजी  इंडिया इंडेक्स 2023-24 में राज्यों की समग्र रैंकिंग में उत्तराखंड और केरल संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहे थे; इसलिए इसे केवल उत्तराखंड का अकेले प्रथम स्थान कहना सटीक नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राज्य अब फिल्म शूटिंग, एडवेंचर टूरिज्म और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। सरकार का लक्ष्य पर्यटन समेत विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इसे साकार करने में देश की युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उत्तराखंड में युवाओं को बेहतर शिक्षा, कौशल, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें युवाओं के बीच जाकर संवाद करना पसंद है। युवाओं से बातचीत के दौरान उनके विचारों, आकांक्षाओं और ऊर्जा को समझने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह युवाओं के बीच मुख्यमंत्री के बजाय एक दोस्त की तरह संवाद करने का प्रयास करते हैं। धामी ने कहा कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य मेहनती और योग्य युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले लगभग पांच वर्षों में राज्य में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। उन्होंने उत्तराखंड के मूल स्वरूप और सरकारी भूमि के संरक्षण का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विकास के नए दौर से गुजर रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रदेश के युवाओं को उनकी प्रतिभा व क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलें। विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप उत्तराखंड को विकसित और सशक्त राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।