देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा से पहले बदरी-केदार मंदिर समिति ने बड़ा निर्णय लिया है। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने घोषणा की है कि समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों में गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही मंदिर परिसर और गर्भगृह में मोबाइल फोन के उपयोग पर भी रोक लगाई जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यह निर्णय हाल ही में हुई बदरी-केदार मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया है। इस बैठक में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम सहित समिति के अधीन सभी मंदिरों की व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिरों की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। समिति के अनुसार, मंदिरों की गरिमा और धार्मिक वातावरण को बनाए रखने के लिए जल्द ही एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। इसमें प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा और अनुशासन से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। मोबाइल फोन पर प्रतिबंध का उद्देश्य गर्भगृह की पवित्रता बनाए रखना और अनावश्यक भीड़ व अव्यवस्था को नियंत्रित करना बताया गया है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस विषय में अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी कानूनी प्रावधानों, संबंधित अधिनियमों और पौराणिक परंपराओं का गहन अध्ययन किया जाएगा। सरकार इस मामले में संतुलित और विधिसम्मत निर्णय लेने की दिशा में काम कर रही है। चारधाम यात्रा से पहले लिए गए इस फैसले को लेकर प्रदेशभर में चर्चा तेज हो गई है। जहां एक ओर इसे धार्मिक परंपराओं की सुरक्षा के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर भी बहस शुरू हो गई है।