रुद्रपुर। उत्तराखंड पुलिस के जांबाज जवानों ने एक बार फिर राष्ट्रीय खेल पटल पर देवभूमि का गौरव बढ़ाया है। हरियाणा के करनाल में आयोजित प्रतिष्ठित 'ऑल इंडिया पुलिस गेम्स' में उत्तराखंड पुलिस के सब इंस्पेक्टर मुकेश पाल ने अपनी असाधारण शक्ति, कड़े अनुशासन और अद्भुत खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए देश भर में राज्य का नाम रोशन किया है। मुकेश पाल ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के '100 प्लस किलोग्राम' (हैवीवेट) भार वर्ग में रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीतकर उत्तराखंड पुलिस के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।
बीती 22 मई से 27 मई तक हरियाणा के करनाल में आयोजित हुए इन खेलों में देश के सभी राज्यों की पुलिस टीमों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री फोर्सेज) के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों ने हिस्सा लिया था। राष्ट्रीय स्तर की इस बेहद कड़़ी और चुनौतीपूर्ण प्रतिस्पर्धा में मुकेश पाल ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया। उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान कुल 700 किलोग्राम (7 क्विंटल) वजन उठाकर अपनी असाधारण शारीरिक दक्षता का प्रदर्शन किया। इतने कड़े प्रतिस्पर्धी माहौल में देश के शीर्ष धाकड़ों को पछाड़कर पोडियम पर जगह बनाना और रजत पदक जीतना अपने आप में एक मिसाल है। राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर गृह जनपद लौटने पर सब इंस्पेक्टर मुकेश पाल का उत्तराखंड पुलिस महकमे द्वारा भव्य स्वागत किया गया। ऊधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति, पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र चौहान तथा अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी ने मुकेश पाल को विशेष रूप से सम्मानित किया। अधिकारियों ने उनकी इस ऐतिहासिक सफलता की सराहना करते हुए कहा मुकेश पाल ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर न केवल अपनी खेल प्रतिभा को साबित किया है, बल्कि पूरे देश के सामने उत्तराखंड पुलिस की उच्च कार्यक्षमता और शारीरिक सुदृढ़ता का परिचय भी रखा है। उनकी यह सफलता विभाग के प्रत्येक कर्मचारी के लिए गर्व का विषय है। अधिकारियों ने मुकेश पाल को गुलदस्ता और स्मृति चिह्न भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य और आगामी अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। मुकेश पाल की इस शानदार उपलब्धि से न केवल ऊधम सिंह नगर बल्कि पूरे उत्तराखंड पुलिस परिवार में खुशी की लहर है। खेल विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि पुलिस बल में इस प्रकार की खेल उपलब्धियां बेहद मायने रखती हैं। यह न केवल जवानों में खेलों के प्रति उत्साह पैदा करती हैं, बल्कि कठिन ड्यूटी के बीच शारीरिक दक्षता (फिजिकल फिटनेस) और मानसिक अनुशासन को बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित करती हैं। सहकर्मियों का कहना है कि मुकेश पाल की यह सफलता उनकी सालों की कड़ी मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति अटूट लगन का परिणाम है, जो अब अन्य युवा पुलिसकर्मियों और खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन प्रेरणास्रोत बनेगी। यह कोई पहला मौका नहीं है जब उत्तराखंड पुलिस के खिलाड़ियों ने देश में अपना परचम लहराया हो। हाल के वर्षों में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड पुलिस के जवानों ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सब इंस्पेक्टर मुकेश पाल द्वारा हासिल किया गया यह रजत पदक इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड पुलिस सुरक्षा और कानून व्यवस्था के साथ-साथ खेल के मैदान में भी देश की सर्वश्रेष्ठ ताकतों को टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनकी इस जीत ने राज्य के युवा एथलीटों को भी संदेश दिया है कि मेहनत और लगन से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।