उत्तराखंड के कोटद्वार-दुगड्डा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीती रात एक बेहद डरावना और बड़ा हादसा सामने आया है। अपने विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण कर वापस लौट रहे प्रदेश के लोक निर्माण विभाग और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उनकी पत्नी व पूर्व मंत्री अमृता रावत इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गए।
दुगड्डा से कोटद्वार की ओर आते समय अचानक पहाड़ी से एक विशालकाय बोल्डर (चट्टान का टुकड़ा) लुढ़क कर उनकी चलती गाड़ी के बोनट पर आ गिरा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंत्री की गाड़ी के आगे का शीशा (विंडस्क्रीन) चकनाचूर हो गया और वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि चालक ने समय रहते गजब की सूझबूझ दिखाई, जिससे एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया। जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और अमृता रावत सतपुली में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद अपने काफिले के साथ वापस देहरादून लौट रहे थे। तभी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह हादसा हुआ। अचानक हुए इस पथराव के बावजूद चालक ने अपना आपा नहीं खोया और तत्काल ब्रेक लगाकर गाड़ी को खाई में गिरने से बचा लिया। वाहन के रुकते ही सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए सतपाल महाराज और उनकी पत्नी अमृता रावत को सुरक्षित नीचे उतारा। इसके बाद काफिले में मौजूद दूसरे वाहन में बैठाकर उन्हें तुरंत देहरादून के लिए रवाना किया गया। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर सफर के दौरान ऑल वेदर रोड और संवेदनशील पहाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।