विधानसभा सत्र विशेष: यमुनोत्री रोपवे के काम में आएगी तेजी, संसदीय कार्य मंत्री ने सदन को दी प्रोजेक्ट की ताजा स्थिति

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गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को बेहद गर्माहट भरा रहा। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आज सदन के भीतर उस वक्त अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब सत्ता पक्ष के ही विधायक अपनी सरकार के मंत्री को घेरते नजर आए। जंगली जानवरों के आतंक और वन कानूनों की जटिलताओं पर पूछे गए सवालों के सटीक जवाब न दे पाने के कारण वन मंत्री सुबोध उनियाल को विधानसभा अध्यक्ष की टोका-टोकी का भी सामना करना पड़ा। प्रश्नकाल के दौरान पहाड़ों में जंगली जानवरों द्वारा खेती की तबाही और इंसानी जानों के नुकसान का मुद्दा गूंजा। ताज्जुब की बात यह रही कि इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष के चार दिग्गज विधायक मुन्ना सिंह चौहान, खजान दास, महेश जीना और विनोद कंडारी एक सुर में लामबंद दिखे। मुन्ना सिंह चौहान ने वन (संरक्षण) अधिनियम के तहत ग्रामीणों के हक-हकूक का मुद्दा उठाते हुए वन मंत्री से 'पॉइंटेड' सवाल पूछे।

जब मंत्री सुबोध उनियाल जवाब देने में असहज दिखे, तो विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, "प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर गंभीरता से जवाब दें।" मंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि राज्य गठन (साल 2000) से अब तक वन्यजीव हमलों में 1,296 लोगों की मौत हुई है और 6,624 लोग घायल हुए हैं। सरकार ने अब मुआवजे की राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी है। लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने सदन को बताया कि विभाग ने नवंबर 2025 तक 7,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया है। अकेले हरिद्वार जिले में 313 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत की गई है। वहीं, पंचायती राज मंत्री के तौर पर उन्होंने जानकारी दी कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया गया है। वर्तमान में राज्य में कुल 5,867 पंचायत भवन हैं। सत्र की शुरुआत होते ही विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया। पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर सदन में गहरा शोक व्यक्त किया गया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही करीब 3 घंटे के शोक प्रस्ताव के बाद शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने व्यवस्था के सवाल पर सरकार को घेरते हुए कहा कि मंत्री सप्लीमेंट्री (अनुपूरक) सवालों के जवाब देने के लिए तैयार होकर नहीं आए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन के पटल पर चार महत्वपूर्ण संशोधन अध्यादेश रखे, जिनमें समान नागरिक संहिता (UCC) संशोधन अध्यादेश 2026 और दुकान एवं स्थापना संशोधन अध्यादेश 2025 प्रमुख हैं। गौरतलब है कि सोमवार को सरकार ने ₹1.11 लाख करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश किया था, जो पिछले वर्ष से 10.41% अधिक है।